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    पी एम ए

    प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी)
    यह भारत सरकार द्वारा 2015 में शुरू की गई एक प्रमुख आवास योजना है, जिसका उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों (ईडब्ल्यूएस), निम्न-आय वर्ग (एल.आई.जी) और मध्यम-आय वर्ग (एम.आई.जी) सहित शहरी गरीबों को किफायती आवास उपलब्ध कराना है।

    मुख्य विशेषताएँ:

    1. उद्देश्य: “सभी के लिए आवास” लक्ष्य को 2022 तक प्राप्त करना, जिसे अब दिसंबर 2025 तक बढ़ा दिया गया है।
    2. फोकस: बुनियादी सुविधाओं के साथ पक्के मकान उपलब्ध कराना।
    3. कार्यान्वयन:
      • इन-सीटू स्लम पुनर्विकास
      • क्रेडिट-लिंक्ड सब्सिडी योजना (सीएलएसएस)
      • साझेदारी में किफायती आवास (एएचपी)
      • लाभार्थी-नेतृत्व निर्माण या सुधार (बीएलसी)
    4. लक्षित लाभार्थी: शहरी गरीब, जिसमें झुग्गी-झोपड़ी में रहने वाले शामिल हैं।
    5. सब्सिडी: पात्र समूहों के लिए होम लोन पर ब्याज सब्सिडी।

    इस मिशन में संपूर्ण शहरी क्षेत्र शामिल है, जिसमें वैधानिक नगर, सूचित योजना क्षेत्र, विकास प्राधिकरण, विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण, औद्योगिक विकास प्राधिकरण या राज्य विधान के तहत कोई भी ऐसा प्राधिकरण जो शहरी नियोजन और विनियमन कार्यों से संबंधित हो। लाभार्थी को उपरोक्त चार घटकों में से किसी एक से लाभ मिलेगा।

    परियोजनाओं की प्रगति

    परियोजनाओं की प्रगति
    क्रम संख्या  पी एम ए (शहरी) बीएलसी एएचपी सीएलएसएस
    1 कुल स्वीकृत आवास इकाइयाँ 25190 15960 19919
    2 पूरा हो चुका 19142 5860 19919
    3 निर्माणाधीन 6048 10100 0

    प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) को पीएमएवाई-यू  2.0 में अपग्रेड किया गया है, जिसका उद्देश्य भारत में शहरी गरीबों और मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए किफायती आवास उपलब्ध कराना है। यह चरण 1 सितंबर 2024 से प्रभावी होगा और अगले पाँच वर्षों में 1 करोड़ नए घरों के निर्माण पर केंद्रित होगा।

    पीएमएवाई-यू 2.0 की प्रमुख विशेषताएँ:

    • लाभार्थी-नेतृत्व निर्माण (बीएलसी): व्यक्तियों को स्वयं के घर बनाने में सहायता।
    • साझेदारी में किफायती आवास (एएचपी): निजी डेवलपर्स के साथ साझेदारी में किफायती आवास प्रदान करना।
    • किफायती किराये का आवास (एआरएच): प्रवासी श्रमिकों और गरीब श्रमिक वर्ग के लिए किराये के आवास समाधान।
    • ब्याज सब्सिडी योजना (आईएसएस): पात्र लाभार्थियों के लिए गृह ऋण पर ब्याज सब्सिडी।

    योजना का उद्देश्य स्मार्ट सिटी मिशन और स्वच्छ भारत मिशन जैसी अन्य सरकारी पहलों के साथ समन्वय स्थापित कर समग्र विकास सुनिश्चित करना है।

    पीएमएवाई-यू 2.0 के लिए ऑनलाइन आवेदन अब खुले हैं। पात्र व्यक्ति आधिकारिक पीएमएवाई-यू वेबसाइट के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं या अपने शहरी स्थानीय निकाय (ULB) या अधिकृत कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) से संपर्क कर सकते हैं।

    प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 (PMAY-U 2.0)

    प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) को उन्नत कर PMAY-U 2.0 के रूप में लागू किया गया है, जिसका उद्देश्य देश के शहरी गरीब एवं मध्यम वर्गीय परिवारों को किफायती आवास उपलब्ध कराना है। यह योजना 01 सितम्बर 2024 से प्रभावी है तथा अगले 5 वर्षों में 1 करोड़ नए आवासों के निर्माण का लक्ष्य रखती है।

    PMAY-U 2.0 का मुख्य उद्देश्य अन्य सरकारी योजनाओं जैसे स्मार्ट सिटी मिशन, स्वच्छ भारत मिशन (शहरी), अमृत 2.0 आदि के साथ समन्वय स्थापित कर समग्र शहरी विकास सुनिश्चित करना है।

    PMAY-U 2.0 के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रारम्भ हो चुके हैं। पात्र नागरिक आधिकारिक PMAY-U पोर्टल अथवा अपने संबंधित शहरी स्थानीय निकाय (ULBs) या कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं।

    हाउसिंग फॉर ऑल मिशन (शहरी)

    भारत सरकार के आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय (MoHUA) द्वारा प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी 2.0 को 01 सितम्बर 2024 से 31 अगस्त 2029 तक 5 वर्षों की अवधि के लिए लागू किया गया है। इस मिशन का उद्देश्य देश के 1 करोड़ शहरी गरीब एवं मध्यम वर्गीय परिवारों को किफायती आवास उपलब्ध कराना है।

    मुख्य उद्देश्य एवं प्रावधान
    विषय विवरण
    लक्ष्य 5 वर्षों में 1 करोड़ पात्र शहरी परिवारों को आवासीय सहायता प्रदान करना।
    अवधि 01 सितम्बर 2024 से 31 अगस्त 2029 तक।
    न्यूनतम आवास मानक न्यूनतम 30 वर्गमीटर कार्पेट एरिया
    (राज्य आवश्यकता अनुसार 45 वर्गमीटर तक बढ़ा सकते हैं),
    साथ ही शौचालय, पेयजल, बिजली एवं सुरक्षित संरचना की सुविधा।
    स्वामित्व आवास का पंजीकरण परिवार की महिला मुखिया के नाम अथवा पति-पत्नी के संयुक्त नाम पर होगा।
    लॉक-इन अवधि आवास के विक्रय अथवा हस्तांतरण से पूर्व 5 वर्ष की अनिवार्य लॉक-इन अवधि लागू होगी।
    योजना के चार कार्यान्वयन घटक (Verticals)
    वर्टिकल लक्षित वर्ग कार्यान्वयन व्यवस्था मुख्य वित्तीय सुविधा
    लाभार्थी आधारित निर्माण (BLC) EWS स्वयं की भूमि अथवा पैतृक भूमि पर व्यक्तिगत आवास निर्माण। जियो-टैगिंग आधारित निर्माण प्रगति के अनुसार
    3 चरणों में प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT)।
    साझेदारी आधारित किफायती आवास (AHP) EWS सरकारी अथवा निजी एजेंसियों द्वारा समूह आवास परियोजनाएँ,
    जिनमें न्यूनतम 25% EWS आवास अनिवार्य होंगे।
    सरकारी परियोजनाओं को केंद्रीय सहायता तथा
    निजी परियोजनाओं हेतु रिडीमेबल हाउसिंग वाउचर।
    किफायती किराये का आवास (ARH) EWS / LIG
    • मॉडल-1 : रिक्त सरकारी आवासों का उपयोग।
    • मॉडल-2 : निजी/सरकारी एजेंसियों द्वारा किराये के आवास एवं छात्रावास निर्माण।
    प्रौद्योगिकी नवाचार अनुदान (Technology Innovation Grant – TIG) उपलब्ध कराया जाएगा।
    ब्याज सब्सिडी योजना (ISS) EWS / LIG / MIG आवास खरीदने अथवा निर्माण हेतु गृह ऋण पर ब्याज सब्सिडी। ₹8 लाख तक के ऋण पर 4% ब्याज सब्सिडी।
    अधिकतम ऋण ₹25 लाख तथा अधिकतम संपत्ति मूल्य ₹35 लाख।

    लाभार्थी परिवार में पति, पत्नी एवं अविवाहित बच्चे शामिल होंगे तथा परिवार के किसी सदस्य के नाम पर भारत में कहीं भी पक्का मकान नहीं होना चाहिए।

    पात्र लाभार्थी एवं आय सीमा
    श्रेणी वार्षिक पारिवारिक आय
    आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) ₹3 लाख तक
    निम्न आय वर्ग (LIG) ₹3 लाख से ₹6 लाख तक
    मध्यम आय वर्ग (MIG) ₹6 लाख से ₹9 लाख तक (ISS हेतु पात्र)

    प्राथमिकता वाले लाभार्थी

    • विधवाएँ
    • वरिष्ठ नागरिक
    • दिव्यांगजन
    • सफाई कर्मचारी
    • पीएम स्वनिधि के स्ट्रीट वेंडर
    • पीएम विश्वकर्मा योजना के कारीगर
    • झुग्गी-झोपड़ी निवासी
    प्रौद्योगिकी, नवाचार एवं अभिसरण
    घटक विवरण
    प्रौद्योगिकी एवं नवाचार उप-मिशन (TISM) जलवायु अनुकूल, पर्यावरण हितैषी एवं आपदा-रोधी निर्माण तकनीकों को बढ़ावा देना।
    प्रौद्योगिकी नवाचार अनुदान (TIG) हरित निर्माण तकनीकों के उपयोग हेतु
    AHP में ₹1,000 प्रति वर्गमीटर तथा
    ARH में ₹3,000 प्रति वर्गमीटर तक अतिरिक्त सहायता।
    योजनाओं का अभिसरण अमृत 2.0, स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) 2.0,
    स्मार्ट सिटी मिशन, पीएम सूर्य घर योजना एवं उज्ज्वला योजना के साथ समन्वय।
    शासन व्यवस्था एवं डिजिटल निगरानी
    विशेषता विवरण
    एकीकृत वेब पोर्टल एवं MIS ऑनलाइन पंजीकरण, आधार आधारित सत्यापन,
    रियल-टाइम आवेदन ट्रैकिंग तथा
    स्वचालित Fund Transfer Order (FTO) की सुविधा।
    अनिवार्य जियो-टैगिंग निर्माण कार्य की 5 अवस्थाओं
    (लेआउट, प्लिंथ, लिंटल, छत एवं पूर्णता)
    पर डिजिटल निगरानी।
    शहरी सुधार राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों को
    Affordable Housing Policy,
    स्टाम्प शुल्क में कमी,
    FAR/TDR प्रोत्साहन तथा
    Model Tenancy Act (MTA) लागू करना होगा।

    विस्तृत दिशानिर्देश और आवेदन प्रक्रिया के लिए कृपया आधिकारिक पीएमएवाई-यू 2.0 दिशानिर्देश देखें।
    https://pmay-urban.gov.in/pmay-u-2.0-guidelines