अमृत 1.0
प्रारंभ तिथि: जून 2015
उद्देश्य: शहरों में सभी नागरिकों, विशेष रूप से शहरी गरीबों के लिए मूलभूत सेवाएँ उपलब्ध कराकर उनके जीवन स्तर में सुधार करना।
लक्ष्य: पाँच वर्षों में 500 शहरों को योजना के अंतर्गत शामिल करना।
मुख्य फोकस क्षेत्र:
1. शहरी अवसंरचना का विकास।
2. सतत विकास एवं पर्यावरण अनुकूल कार्यों को बढ़ावा देना।
मुख्य घटक:
जलापूर्ति: सभी घरों तक प्रत्यक्ष जलापूर्ति कनेक्शन के माध्यम से निरंतर एवं पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराना तथा प्रति व्यक्ति प्रतिदिन 135 लीटर जल उपलब्धता सुनिश्चित करना।
सीवरेज एवं सेप्टेज प्रबंधन: प्रभावी सीवरेज प्रणाली के माध्यम से स्वच्छता में सुधार करना तथा शौचालयों एवं सीवरेज नेटवर्क की 100% कवरेज एवं उपचार सुनिश्चित करना।
वर्षा जल निकासी: जलभराव एवं बाढ़ की रोकथाम हेतु प्रभावी ड्रेनेज प्रणाली का विकास।
हरित क्षेत्र: सामुदायिक उपयोग हेतु पार्क एवं खुले स्थानों का विकास। समतल क्षेत्रों में प्रति व्यक्ति 10–12 वर्गमीटर खुले क्षेत्र की उपलब्धता सुनिश्चित करना।
समग्र शहरी नियोजन: एकीकृत एवं समग्र शहरी नियोजन एवं प्रबंधन को बढ़ावा देना।
अमृत 2.0
प्रारंभ तिथि: अक्टूबर 2021
उद्देश्य: अमृत 1.0 को आगे बढ़ाते हुए सतत एवं जलवायु-अनुकूल शहरी विकास सुनिश्चित करना।
मुख्य फोकस क्षेत्र:
1. हरित, रहने योग्य एवं स्मार्ट शहरों का विकास।
2. नागरिक सहभागिता एवं सुशासन को बढ़ावा देना।
मुख्य घटक:
जलापूर्ति एवं प्रबंधन: गुणवत्तापूर्ण एवं सुलभ जल सेवाओं की निरंतर उपलब्धता।
हरित क्षेत्र: हरित पट्टियों एवं पार्कों का विकास।
जल संरक्षण: जल निकायों का पुनर्जीवन।
शहरी नियोजन: सतत एवं समावेशी विकास पर आधारित शहरी नियोजन।
क्षमता निर्माण: शहरी स्थानीय निकायों के सुशासन एवं प्रभावी क्रियान्वयन हेतु प्रशिक्षण एवं संसाधन उपलब्ध कराना।
अमृत 1.0 की प्रगति:
| क्र.सं. | घटक | लक्ष्य | उपलब्धि |
|---|---|---|---|
| 1. | जलापूर्ति कनेक्शन | 70885 | 72607 |
| 2. | सीवरेज कनेक्शन | 217853 | 12382 (शेष कनेक्शनों को FSTP के माध्यम से सेवाएँ प्रदान की जा रही हैं।) |
| 3. | निर्मित पार्क | 44 | 43 |