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परियोजना सारांश – अमृत 1.0 एवं 2.0 (2025)
परियोजना सारांश – अमृत 1.0 एवं अमृत 2.0, 2025
अमृत 1.0 की प्रगति
- कुल स्वीकृत परियोजनाएँ: 151 परियोजनाएँ (₹592.02 करोड़)
- पूर्ण हुई परियोजनाएँ: 148 परियोजनाएँ (₹564.53 करोड़), 1 परियोजना निरस्त करने हेतु अनुरोध किया गया
- भारत सरकार को भेजा गया उपयोगिता प्रमाण पत्र (UC): ₹526.97 करोड़
- अमृत 1.0 के अंतर्गत GIS: 7 GIS आधारित मास्टर प्लान तैयार किए गए
अमृत 2.0 की प्रगति
कुल स्वीकृत वित्तीय सहायता: ₹650 करोड़ (₹585 करोड़ केंद्रीय अंश + ₹65 करोड़ राज्य अंश) भारत सरकार द्वारा
प्रथम चरण राज्य जल कार्य योजना (SWAP)
- 19 परियोजनाएँ स्वीकृत (₹284.09 करोड़)
- प्राप्त धनराशि: ₹179.56 करोड़
- उपयोग की गई धनराशि: ₹149.62 करोड़ (₹139 करोड़ का UC भारत सरकार को भेजा गया)
- 18 परियोजनाओं के कार्यादेश जारी, कार्य प्रगति पर है
- 01 अतिरिक्त परियोजना प्रक्रिया में, कार्यादेश जारी होना शेष है
द्वितीय चरण राज्य जल कार्य योजना (SWAP)
- कुल लागत: ₹348.18 करोड़ (07 नगर)
- भारत सरकार से वित्तीय सहायता: ₹313.36 करोड़
- SWAP स्वीकृति: अक्टूबर 2024 में भारत सरकार द्वारा स्वीकृत
- 07 जलापूर्ति योजनाओं हेतु DFC स्वीकृत – ₹348.18 करोड़
- EFC की स्थिति: 06 स्वीकृत, 01 प्रक्रिया में
- कार्यादेश जारी: 06 परियोजनाएँ
- जारी धनराशि: ₹20.53 करोड़
- उपयोग की गई धनराशि: ₹15.42 करोड़
पार्क
- ₹6.49 करोड़ की 06 परियोजनाएँ SHPSC द्वारा स्वीकृत, कार्य प्रगति पर है
अमृत उप-योजनाएँ: GIS आधारित मास्टर प्लान
- नगरों को जनसंख्या के आधार पर श्रेणी 01, 02 एवं 03 में वर्गीकृत किया गया
- GIS आधारित मास्टर प्लान हेतु 23 क्लस्टर चयनित
- योजनाएँ SLTC एवं HPSC द्वारा अनुमोदित कर भारत सरकार को भेजी गईं
- भारत सरकार द्वारा कुल स्वीकृति: ₹19.18 करोड़
- प्रथम किस्त: ₹3.31 करोड़ (22.07.2024 को जारी)
- अमृत 2.0 के अंतर्गत 23 GIS आधारित मास्टर प्लान तैयार किए जा रहे हैं
अन्य पहल
1. सामुदायिक जागरूकता
- अमृत मित्र: जल उपलब्धता, महिलाओं के सामाजिक-आर्थिक सशक्तिकरण तथा पार्क संचालन एवं रखरखाव हेतु पहल
- 14 पार्क – ₹1.26 करोड़ स्वीकृत
- ₹65 लाख जारी एवं वितरित
- ₹25.55 लाख का UC भारत सरकार को प्रस्तुत
2. सुधार प्रोत्साहन
- अमृत सुधारों के उपरांत ₹12 करोड़ जारी
- ₹12.02 करोड़ के 14 पार्क SLTC द्वारा स्वीकृत, SHPSC अनुमोदन हेतु प्रस्तावित
3. जल ही अमृत पहल
- 21 STP चयनित, भारत सरकार द्वारा ₹20.31 करोड़ प्रोत्साहन स्वीकृत
- 70% राशि (₹14 करोड़) STP/UWTP को सुदृढ़ करने हेतु जारी
अमृत 2.0
प्रारंभ तिथि: अक्टूबर 2021
उद्देश्य: अमृत 1.0 को आगे बढ़ाते हुए सतत एवं जलवायु-अनुकूल शहरी विकास सुनिश्चित करना।
मुख्य फोकस क्षेत्र:
हरित, रहने योग्य एवं स्मार्ट शहरों का विकास।
नागरिक सहभागिता एवं सुशासन को बढ़ावा देना।
मुख्य घटक:
जलापूर्ति एवं प्रबंधन: सभी नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण जल सेवाएँ उपलब्ध कराना।
हरित क्षेत्र: पार्कों एवं हरित पट्टियों का विकास।
जल संरक्षण: जल निकायों का पुनर्जीवन।
शहरी नियोजन: सतत एवं समावेशी विकास पर आधारित योजना।
क्षमता निर्माण: शहरी स्थानीय निकायों की क्षमता एवं प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने हेतु प्रशिक्षण एवं संसाधन उपलब्ध कराना।
अमृत 2.0 की प्रगति:
| क्र.सं. |
घटक |
लक्ष्य |
उपलब्धि |
| 1. |
जलापूर्ति कनेक्शन |
40583 |
1950 |
| 2. |
पार्क प्रस्ताव |
20 |
प्रगति पर |
| 3. |
जल निकाय पुनर्जीवन प्रस्ताव |
18 |
प्रगति पर |
पुराना डेटा
अटल मिशन फॉर रीजुवेनेशन एंड अर्बन ट्रांसफॉर्मेशन (AMRUT) एक राष्ट्रीय पहल है, जिसका उद्देश्य शहरी अवसंरचना को सुदृढ़ करना तथा शहरों में मूलभूत सेवाएँ सुनिश्चित करना है, जिससे विशेष रूप से शहरी गरीबों सहित सभी नागरिकों के जीवन स्तर में सुधार हो सके। उत्तराखण्ड में AMRUT योजना का क्रियान्वयन सात शहरों – देहरादून, हरिद्वार, हल्द्वानी, रुद्रपुर, काशीपुर, रुड़की एवं नैनीताल में किया गया है।
अमृत 1.0
प्रारंभ तिथि: जून 2015
उद्देश्य: शहरों में सभी नागरिकों, विशेष रूप से शहरी गरीबों के लिए मूलभूत सेवाएँ उपलब्ध कराकर उनके जीवन स्तर में सुधार करना।
लक्ष्य: पाँच वर्षों में 500 शहरों को योजना के अंतर्गत शामिल करना।
मुख्य फोकस क्षेत्र:
1. शहरी अवसंरचना का विकास।
2. सतत विकास एवं पर्यावरण अनुकूल कार्यों को बढ़ावा देना।
मुख्य घटक:
जलापूर्ति: सभी घरों तक प्रत्यक्ष जलापूर्ति कनेक्शन के माध्यम से निरंतर एवं पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराना तथा प्रति व्यक्ति प्रतिदिन 135 लीटर जल उपलब्धता सुनिश्चित करना।
सीवरेज एवं सेप्टेज प्रबंधन: प्रभावी सीवरेज प्रणाली के माध्यम से स्वच्छता में सुधार करना तथा शौचालयों एवं सीवरेज नेटवर्क की 100% कवरेज एवं उपचार सुनिश्चित करना।
वर्षा जल निकासी: जलभराव एवं बाढ़ की रोकथाम हेतु प्रभावी ड्रेनेज प्रणाली का विकास।
हरित क्षेत्र: सामुदायिक उपयोग हेतु पार्क एवं खुले स्थानों का विकास। समतल क्षेत्रों में प्रति व्यक्ति 10–12 वर्गमीटर खुले क्षेत्र की उपलब्धता सुनिश्चित करना।
समग्र शहरी नियोजन: एकीकृत एवं समग्र शहरी नियोजन एवं प्रबंधन को बढ़ावा देना।
अमृत 2.0
प्रारंभ तिथि: अक्टूबर 2021
उद्देश्य: अमृत 1.0 को आगे बढ़ाते हुए सतत एवं जलवायु-अनुकूल शहरी विकास सुनिश्चित करना।
मुख्य फोकस क्षेत्र:
1. हरित, रहने योग्य एवं स्मार्ट शहरों का विकास।
2. नागरिक सहभागिता एवं सुशासन को बढ़ावा देना।
मुख्य घटक:
जलापूर्ति एवं प्रबंधन: गुणवत्तापूर्ण एवं सुलभ जल सेवाओं की निरंतर उपलब्धता।
हरित क्षेत्र: हरित पट्टियों एवं पार्कों का विकास।
जल संरक्षण: जल निकायों का पुनर्जीवन।
शहरी नियोजन: सतत एवं समावेशी विकास पर आधारित शहरी नियोजन।
क्षमता निर्माण: शहरी स्थानीय निकायों के सुशासन एवं प्रभावी क्रियान्वयन हेतु प्रशिक्षण एवं संसाधन उपलब्ध कराना।
अमृत 1.0 की प्रगति:
| क्र.सं. |
घटक |
लक्ष्य |
उपलब्धि |
| 1. |
जलापूर्ति कनेक्शन |
70885 |
72607 |
| 2. |
सीवरेज कनेक्शन |
217853 |
12382
(शेष कनेक्शनों को FSTP के माध्यम से सेवाएँ प्रदान की जा रही हैं।) |
| 3. |
निर्मित पार्क |
44 |
43 |
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